फैटी लिवर में क्या खाएं: लिवर को स्वस्थ करने वाले खाद्य पदार्थ
जब बात आती है "फैटी लिवर में क्या खाएं" की, तो इसका सीधा सा जवाब है: असली खाना। आपकी रसोई में मौजूद ताजे, साबुत खाद्य पदार्थ ही आपके लिवर के लिए सबसे अच्छी दवा हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां और क्रूसिफेरस सब्जियां
ये आपके लिवर के सबसे अच्छे दोस्त हैं। पालक, मेथी, सरसों का साग, पत्तागोभी, फूलगोभी और ब्रोकली लिवर के डिटॉक्सिफिकेशन पाथवे को सपोर्ट करते हैं। ये शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं और लिवर पर जमा चर्बी को कम करते हैं।
ओमेगा-3 से भरपूर फैटी फिश
सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड का बेहतरीन स्रोत हैं। ये न केवल लिवर की सूजन को कम करती हैं, बल्कि लिवर में जमा हानिकारक फैट को भी घटाने में मदद करती हैं। अगर आप मांसाहारी नहीं हैं, तो अलसी के बीज, अखरोट और चिया सीड्स भी पौधों पर आधारित ओमेगा-3 के अच्छे विकल्प हैं।
मेवे और बीज
रोजाना मुट्ठी भर अखरोट, बादाम या अलसी के बीज खाने से लिवर के एंजाइम्स में सुधार देखा गया है। ये विटामिन ई और हेल्दी फैट से भरपूर होते हैं। बस इन्हें बिना नमक और बिना भुना हुआ खाएं।
जैतून का तेल (ऑलिव ऑयल)
अपने खाना पकाने के तेल को बदलें। रिफाइंड तेलों की जगह एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें। यह मोनोअनसैचुरेटेड फैट का बेहतरीन स्रोत है और लिवर की सूजन को कम करने में सहायक है।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल
ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, जामुन और अनार जैसे फलों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर को फ्री रैडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। ये स्वाद में मीठे होते हुए भी लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले होते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखते हैं।
साबुत अनाज
सफेद चावल और मैदे की जगह ओट्स, क्विनोआ, दलिया और ब्राउन राइस चुनें। इनमें फाइबर बहुत अधिक होता है, जो पाचन को धीमा करता है और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकता है।
कॉफी और ग्रीन टी
यह एक ऐसी सलाह है जिसे सुनकर आपको खुशी होगी। दिन में 2-3 कप बिना चीनी की कॉफी लिवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस के खतरे को काफी कम कर सकती है। ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन लिवर की चर्बी को पिघलाने में मदद करते हैं।

फैटी लिवर में क्या न खाएं: परहेज करने योग्य खाद्य पदार्थ
"फैटी लिवर में क्या न खाएं" यह जानना उतना ही जरूरी है जितना कि क्या खाएं। कुछ खाद्य पदार्थ सीधे आपके लिवर पर हमला करते हैं और उसे ठीक होने से रोकते हैं।