हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, भिंडी, ब्रोकली जैसी सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं। इनमें ग्लूटाथियॉन होता है, जो लिवर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद करता है।
फैटी फिश (ओमेगा-3 फैटी एसिड)
सालमन, सारडिन, मैकेरल, भारतीय मछलियां जैसे राजा, सुरमई में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। यह लिवर में फैट कम करता है और सूजन को घटाता है। हफ्ते में दो बार मछली खाने की कोशिश करें।
जैतून का तेल और स्वस्थ वसा
ऑलिव ऑयल में मोनोअनसेचुरेटेड फैट होता है जो इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है। खाना बनाने के लिए सरसों के तेल के साथ थोड़ा ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें।
मेवे और बीज
अखरोट, बादाम, अलसी के बीज, चिया सीड्स में फाइबर और स्वस्थ वसा होती है। रोज़ाना एक मुट्ठी मेवे खाना लिवर के लिए फायदेमंद है।
बेरीज और फल
ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, अमरूद में एंथोसायनिन और विटामिन सी होता है। यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं और लिवर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।
साबुत अनाज
जौ, दलिया, ब्राउन राइस, क्विनोआ में फाइबर अधिक होता है। फाइबर ब्लड शुगर कंट्रोल करता है और लिवर पर बोझ कम करता है।
दालें और फलियां
मूंग दाल, चना, राजमा, मसूर दाल प्रोटीन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं। यह मांसपेशियों को मजबूत रखती हैं और वजन नियंत्रण में मदद करती हैं।
हरी चाय
ग्रीन टी में कैटेचिन होता है जो लिवर फैट कम करने में सहायक है। दिन में 2-3 कप ग्रीन टी पीने की आदत डालें।
फैटी लिवर में क्या न खाएं - सीमित करें या बचें

कुछ खाद्य पदार्थ लिवर पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं। इन्हें सीमित करना या बिल्कुल छोड़ना जरूरी है:
चीनी वाले पेय पदार्थ
कोल्ड ड्रिंक्स, पैक्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक्स में फ्रुक्टोज होता है। फ्रुक्टोज सीधे लिवर में फैट में बदलता है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाता है और फैटी लिवर का मुख्य कारण बनता है।
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट
मैदा, ब्रेड, नूडल्स, बिस्कुट, नमकीन जैसे प्रोसेस्ड फूड ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाते हैं। इन्हें साबुत अनाज से बदलें।
तला हुआ खाना
समोसे, पकौड़े, पराठे, फ्राइज़ में ट्रांस फैट होता है। यह सूजन बढ़ाता है और लिवर को नुकसान पहुंचाता है।
प्रोसेस्ड मीट
सॉसेज, सलामी, बेकन, प्रोसेस्ड चिकन में सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं जो लिवर के लिए हानिकारक हैं।
अत्यधिक शराब
भले ही NAFLD गैर-अल्कोहॉलिक है, लेकिन शराब लिवर को और नुकसान पहुंचा सकती है। लिवर की स्थिति में शराब से पूरी तरह परहेज करना बेहतर है।
मुख्य बात याद रखें: फ्रुक्टोज, रिफाइंड कार्ब्स और संतृप्त वसा का अधिक सेवन लिवर में फैट जमा करने का मुख्य कारण है।